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बदक कविता जीव लाजण बहीण मराठीकविता माळकरी भारी अप्सरा बाप कोरोना मी एवढा लई माघारी लई न्यारी भावतं पोरगी मराठी मोबाईल भारी दिसायचो जर

Marathi लई भारी Poems